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राधा कृष्ण जैसा प्रेम कोई समझ न पाया है

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राधा कृष्ण जैसा प्रेम कोई समझ न पाया है    राधा कृष्णा जैसा प्रेम कोई समझ न पाया है  यहां तो सिर्फ हवस में ही प्रेम समाया है इस कलयुग की माया कोई समझ न पाया है।  यहां राम और लक्ष्मण भाइयो जैसा प्यार कोई समझ नहीं पाया है  जायदाद के लिए भाई ने ही भाई का खून बहाया है  श्रवण के भाव माता पिता के लिए कोई नहीं समझ पाया है  आज कल तो माता पिता को बेटा ही आश्रम में छोड़ कर आया है  हरीशचंद्र जैसा सत्यवादी कोई नहीं कहलाया है  आज कल तो सबने झूठ को ही अपनाया है  एक समय पर कुनबा ही परिवार कहलाया है  आज कल तो माता  पिता से अलग होकर ही परिवार भाया  है  सीता माता  जैसी स्त्री ने पति धर्म निभाया है  आज कल की स्त्रियों ने तलाक लेकर पति से छुटकारा पाया है  भगत सिंह जी ने  शहीद होकर  आज़ादी का मतलब  समझाया है  पर आज कल की राजनीती ने हमे फिर से गुलाम  बनाया है रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओ को लड़ना सिखाया है  आज उसी सीख से महिलाओ ने देश में अपना सम्मान बढ़ाया है  एक समय  राजाओ ने आपस में लड़कर देश को गुलाम बनवाया है  और आज राजनीती ने जनता को अपना गुलाम बनाया है  इस कलयुग की माया कोई समझ न पाया है।  उम्मीद करता हूँ आप

Lockdown 4.0 - Guidelines by Govt.

Lockdown 4.0  के लिए केन्द्र सरकार के दिशा - निर्देश नीचे दिए गए है! 31 मई तक क्या बंद रहेगा? अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्री उड़ानें बंद रहेंगी। मेट्रो रेल भी अभी शुरू नहीं होंगी। सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल बंद रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट भी 31 मई तक बंद रहेंगे। ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग चलती रहेगी। होटल और बार बंद रहेंगे। हर तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों और जमावड़ों पर रोक जारी रहेगी। 31 मई तक क्या खुला रहेगा? अगर राज्य सरकारों के बीच आपसी सहमति बन जाती है तो दो राज्यों के बीच यात्री बसों और गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी। सरकारें अपने स्तर पर फैसला कर राज्यों के अंदर भी बसें शुरू कर सकेंगी। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खुल सकेंगे, लेकिन दर्शकों की इजाजत नहीं होगी। रेस्टोरेंट्स से आप सिर्फ होम डिलिवरी के लिए खाना मंगवा सकेंगे। होम डिलिवरी करने वाले रेस्टोरेंट्स को किचन शुरू करने की इजाजत दी गई है। सिर्फ वही होटल चालू रहेंगे, जहां

'माँ' - भगवान का रूप

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माँ शब्द अपने अपने आप में  परिपूर्ण  'माँ' ये शब्द अपने आप में  ही पूर्ण है माँ  के  बारे में  आप कितना भी लिख लो  वो अपने आप  में अधूरा  और अपूर्ण लगेगा क्युकी उसकी पूर्णता दर्शाने के लिए शब्द ही कम पड़ जाते है! इस संसार में माँ का आँचल जिसे मिल जाये जिसे उसके आँचल की पनाह मिल जाये उसकी जिंदगी अपने आप में  ही सफल हो जाती है! हम माँ का गुणगान किन शब्दों  में करे वह  जीती भी हमारे लिए  और मरती भी हमारे लिए है! लोग कहते है कि जब  एक बच्चा औरत की कोख से जन्म लेता  तब वो औरत माँ बनती है! परन्तु लोगो के यह नहीं पता की जब उस औरत को पता लगता है  की वो गर्भवती है उसकी  कोख में एक बच्चा पल रहा है वह  तभी ही माँ बन जाती है! उस औरत का अल्हड़पन उसकी मौज मस्ती  रहन -सहन खान -पान और उसका सवभाव बदल जाता है! पहले वह अपने लिए खाती थी परन्तु अब वह अपने गर्भ में पल रहे बच्चे  के स्वास्थ्य के लिए  खाती है! कुय्की अब वह औरत माँ बनने जा रही है और यह पल उसकी ज़िदगी का सबसे हसीन पल है!  जिसके वह बस सपने संजोती थी आज उसका वह सपना पूर्ण होने जा  रहा है वह जो मस्त अल्हड़ अपने में  मग्ज़ रहने वाली औरत माँ 

BENEFIT OF READING

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पढ़ना हमारे लिए जरूरी  पढ़ने के हमेशा से ही बहुत फायदे हुए है हम यहाँ स्कूल की पढाई की बात नहीं कर रहे है हम बात कर रहे है जो स्कूल और कॉलेज के बाद नौकरी या अपना कोई कारोबार करते है उनमे से कुछ लोगो को Newspaper , Magazine, Novels, Story Books, Blogs etc. हर दिन पढ़ना अच्छा लगता है जिन्हे एक बार पढ़ने की आदत लग जाये वो अपना समय निकल कर एक बार दिन या रात में जरूर पढ़ते है चाहे वो सब ऑफिस में कितने भी बिजी क्यों ना हो फिर भी वो सब पढ़ने  का समय निकल ही लेते है और कुछ लोग तो  पढ़ कर सोते है क्युकी जब तक वो सब पढगे नहीं जब तक उन्हें नींद नहीं है  और कुछ लोगो  को पढ़ना अच्छा नहीं लगता है और जिन्हे पढ़ना अच्छा नहीं लगता उनके पास ना पढ़ने के बहाने  होते है जैसे की उनके पास समय नहीं है  ऑफिस का बहुत काम है,  घर पर बहुत काम होता है, या और बहुत सारे  बहाने होते है न पढ़ने के लकिन उन सभी लोगो को ये नहीं पता की हर दिन पढ़ने के कितने फायदे होते है आज मै उन्हें यही बताने जा रहा की हर दिन पढ़ने के  कितने फायदे होते है! पढ़ने के फायदे  जानकारी बढ़ती है -   हर दिन एक बार पढ़ने से आपकी जानकारी बढ़ती है आपको नये नये श

माँ : व्यक्ति के जीवन की प्रथम गुरु

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माँ की ममता  माँ एक ऐसा शब्द है जिसका अर्थ सीमित शब्दों में बांधना संभव नहीं है। माँ का दूसरा नाम ममता है, क्यूकी  माँ की ममता समुद्र से भी गहरी है, और   माँ एक वह सुखद अनुभूति है जो हमारे सारे दुःख, कष्टों को अपने ममता के आँचल से ढँक देती है। माँ शब्द की गहराई को परिभाषित करना सरल नहीं है क्यों की उसमे पूरा ब्रह्माण्ड का ज्ञान समाहित होता है। माँ का स्थान किसी भी व्यक्ति के जीवन में सर्वोच्च होता है। माँ न केवल बच्चे को जीवन प्रदान करके इस संसार में लाती है अपितु किसी भी व्यक्ति के जीवन की प्रथम गुरु कहलाती है। एक बच्चा इस संसार में आने पर अपनी माँ पर निर्भर हो जाता है, माँ बड़े स्नेह से उसका पालन पोषण करके उसे जीवन ज्ञान देने लगती है। यही कारण है की माँ को गुरु का स्थान प्राप्त है। माँ के अनेक रूप होते है, वह अपने सुखों का त्याग करके अपने बच्चों की देख भल करती है तथा उसको जीवन में हर सुख प्राप्त हो सके इसलिए दिन रात एक कर देती है। माँ एक सुखद अनुभूति है। वह एक शीतल आवरण है जो हमारे दुःख, तकलीफ की तपिश को ढँक देती है। उसका होना, हमें जीवन की हर लड़ाई को लड़ने की शक्ति देता रहता है

BOOKS- OUR BEST COMPANION

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Books - our best companion Books are one of the most important things in one's life. It is essential for gaining knowledge. There are different types of books such as novels, short stories, comics, science fiction, mats books and many more. Every book is a source of some type of knowledge. Apparently, the practice of reading books creates cognitive engagement that improves lots of things, including vocabulary, thinking skills, and concentration. It also can affect empathy, social perception, and emotional intelligence, the sum of which helps people stay on the planet longer. Books can open one's mind to fascinating worlds. When we read fictions or novels it improves our imagination and creates understanding. Narrators offer unique opportunity to engage the capacity of mind. As we identify with the characters' longings and frustrations at their hidden motives and track their encounters with friends and enemies, neighbours and lovers. That's because when we are

INDIAN PRIME MINISTER SPEECH REGARDING CORONA VIRUS (COVID-19)

Indian Prime Minister gave speech on 19.03.2020 in Delhi  Important updates give me few weeks of your life by being self quarantine. Do not think your always safe, you have to be alert. Sankalp and sanyam, Sankalp to be responsible citizens,  following the govt. Orders, follow social distancing, sanyam to stay at home. if you feel, you are good and won't be affected with COVID-19, it's not true. only go out if necessary, otherwise stay at home. Doctors, Media, Govt. officials have to work, but others isolate themselves. Senior Citizens, don't go out for few weeks. at the time of war, blackout was done in the past. Janta Curfew, by the people, for the people on this Sunday, 22nd March from 7.00 a.m. to 9.00 p.m. nobody will go out even in streets stay at home. only people giving essential services should go out. Sunday evening 5.00 p.m. say thank you to all the people who are helping us to fight against Covid-19 you can clap for 5 minute to do that. don't

Makeup need in Human Life (मेकअप के बिना अधूरा इंसान )

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मेकअप का आम इंसान की जिंदगी में महत्व  मेकअप की महत्वता आज के समय में बहुत हो गयी है, इसमें पुरुष हो या महिलाये सबको मेकअप  के बिना अधूरा लगता है, या हम ये कह सकते है कि मेकअप के बिना हर किसी की ज़िंदगी अधूरी है।  मेकअप चेहरे की सुंदरता को निखारने  लिए एक अच्छा तरीका है, और  मेकअप को लेकर सभी के अलग अलग मत भी है।   कोई इसे सजने सवरने का साधन समझता है,  कोई इसे  पैसे की बर्बादी समझता है, तो  कुछ लोग इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा समझते है।  उन्हें लगता है की मेकअप के बिना वो अधूरे है, हम किसी  की सोच में बदलाव नहीं कर सकते किन्तु आधुनिक युग में इसका एक महत्वपूर्ण स्थान बनता जा रहा है।  संघर्ष ही जीवन का उद्देश्य है पढ़े कविता  अब आपकी क़ाबलियत के साथ  आपकी पर्सनॅलिटी भी बहुत मत्वपूर्ण  है और पर्सनॅलिटी के लिये  हमे अच्छा दिखने पर भी ध्यान देना होता है और पर्सनॅलिटी हमारे व्यक्तित्व का  एक भाग है।  मेकअप से हर व्यक्ति सुन्दर बन जाता है और थोड़े से मेकअप प्रोडक्ट्स की मदद से व्यक्ति की सुंदरता में और निखार आ जाता है। मेकअप करने से  न सिर्फ हम आकर्षित दिखते बल्कि इससे हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ ज