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2021 नया साल सबके लिए हो कुछ खास - नए साल पर कविता (इस साल कुछ खा सकरके दिखाते है इस दुनिया को नया इतिहास रच कर दिखाते है)

नए साल पर कविता - 2021 नया साल सबके लिए हो कुछ खास  देखो आ गया नया साल  इसे कहते है 2021 का साल  क्योकि 2020 में सबका हुआ था बुरा हाल  सब लोग हुए थे बेहाल  बहुत से लोगो के थे खराब हाल  कुछ लोग थे खुशाल  लेकिन अब  आ गया नया साल  इसे कहते है हम 2021 का साल।    इस  साल से बहुत से लोग लगाए बैठे है आस  ये साल बन जाये उनके लिए खास  किसी को नौकरी की तलाश  किसी को है घर की तलाश  सबको है बस यही विश्वाश   कोरोना का होगा  विनाश।  इशक है तो  ज़ाहिर कर - इश्क़ के मीठे बोल    इस साल कुछ खाश करके दिखाते है  इस दुनिया को नया इतिहास रच कर दिखाते है  सबको एकता का पाठ पढ़ाते है  चलो अपने देश को आगे बढ़ाते है  जात पात ऊंच नीच से सबको दूर ले चलते है  इंसान को इंसानियत का मतलब समझाते है  चलो सब मिलकर 2021 को खाश बनाते है।    दिल से दिल के रिश्ते निभाते है  अपनों को अपनापन दिखाते है  सब गिले शिकवे भूल जाते है  अपनों से अपना रिश्ता निभाते है  हर किसी को उनका हक़ दिलवाते है।  मातृभूमि को सर माथे लगाते  है  जवानो को नए साल पर कुछ तोहफे भिजवाते है  हम सब उनकी परवाह करते है  ये एहसास उन्हें दिलाते है चलो सब मिलकर 2021