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PEOPLE WHO KEEP THINKING ALL THE TIME - जो व्यक्ति हर समय सोचते रहते है वह एक बारे जरूर पढ़े

जो व्यक्ति हर समय सोचते रहते है  वह एक बारे जरूर पढ़े  एक बार चीन के हिस्से में बहुत बड़ा  मठ था उस मठ में लगभग 500 भिक्षु रहते थे।  वह सब अपने गुरु के मार्गदर्शन में खुद को पहचानने का प्रयास कर रहे थे।  एक दिन एक लड़का उस मठ में शिष्य बनने के लिए आया उसे गुरु से मुलाकात की और गुरु से कहा की मैं खुद जानना चाहता हूँ ,  मैं सच की तलाश कर रहा हूँ और मैं जानना चाहता हूँ की सच क्या होता है  गुरु ने उस लड़के के तरफ देखा और कहा की तुम सच जानना चाहते हो तो तुम्हे अपना पूरा जीवन दांव पर लगाना होगा और फिर भी यह नहीं कहा जा सकता की इस जीवनकाल में तुम सच का पता लगा सकते हो या नहीं।  गुरु ने कहा की क्या तुम इसके लिए त्यार हो , यह सुनकर उस शिष्य ने कहा की गुरु जी मैं यहाँ पीछे मुड़ने के लिए नहीं आया हूँ।  मैं इसके लिए त्यार हूँ तो गुरु ने कहा अगर ऐसा है तो एक काम करो इस मठ में पांच सो भिक्षु है तुम उनके लिए चावल कूटने का काम करो तुम सुबह से लेकर शाम तक चावल कूटने का काम करते रहो और जब तुम थक जाओ तो तुम सोने चले जाओ और फिर उठ कर तुम चावल कूटने का काम शुरू कर दो इस तरह तुम हर सुबह बस यही काम करते रहो इसके

नारी (स्त्री) का क्या दोष है - समाज के आगे विवश स्त्री (नारी)

लेखक - नविन 🖋 दोष क्या है नारी का - समाज नारी पर ही क्यूँ ऊँगली उठाये नमस्कार मेरे इस कहानी को पढ़ने से पहले मैं आपसे हाँथ जोड़ कर विनती करना चाहता हूँ यदि आपके पास समय है तभी आप पढियेगा अन्यथा बीच में कहानी को अधूरा छोड़ने से आपको समझने में कठिनाई होगी.. !  रामु काका हमारे गाँव के सबसे ईमानदार और खूब मेहनती इंसान थे उनका चूड़ी बनाने का व्यवसाय था। वह बहुत सुंदर सुंदर रंग बिरंग के चूड़ी बनाते थे, हमारे गाँव के सभी महिलाएँ उनसे ही चूड़ियाँ खरीदा करती थी, रामु काका की पत्नी "बुधनी" उनके कामों में खूब मदद करती थी। गाँव गाँव घूमकर चूड़ी बेचा करती थी और जो पैसे जमा होते थे उससे घर का राशन ले आती। और बचे हुए पैसे को एक गुलक् में रखते जाती थी। उन दोनों का बहोत ही आनंदमय जीवन बीत रहा था। बस दुःख था तो सिर्फ एक बात का के "रामु" काका के अपनी कोई औलाद नहीं थी। काकी इस बात को लेकर हमेशा दुखी रहती थी। और मन ही मन खूब रोती थी काका हमेशा उन्हें समझाते थे की अरे "बुधनी" रोती क्यों हैं भगवान ने चाहा तो सब ठीक हो जायेगा। काका की यह बात सुन कर काकी के मन में एक नई

Story of Princess Grace

Written by Nikita Sejwal Story Of Princess Grace         Once upon a time when squirrels scurried across the manicured lawn of the royal garden Niara, picking up the avocados from the ground, that is when our story begins- the story of Princess Grace. It is on that sunny day, that the Princess sat at an open window, looking out upon her garden of blooming flowers as the light of the sun painted her skin warm. At the door stood her young cousin, Stacey, watching her with a frown on her brow. Princess Grace was the kindest, the most polite and the most loving person in all of the kingdom... whereas Stacey was the exact opposite. She despised Princess Grace, even though it was the Princess's parents who had brought her up as their child and loved her as much as they loved their daughter. The very thought of Grace becoming the queen one day made her clench her teeth. Price Ryan: Such a beautiful kingdom! Price Ryan's squirrel: Indeed! That's Price Ryan of the neighbouring kingd