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Showing posts from May, 2021

मनुष्य में मानवता व इंसानियत (Humanity is important in humans)

मानवता व  इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं  अवश्य पढें आपकी आँखें छलक जायेंगी   मानवता व इंसानियत किसी की बपौती नहीं है।  वासु भाई और वीणा बेन गुजरात के एक शहर में रहते हैं। आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे। 3 दिन का अवकाश था वे पेशे से चिकित्सक (Doctor) थे ।लंबा अवकाश नहीं ले सकते थे ।परंतु जब भी दो-तीन दिन का अवकाश मिलता ,छोटी यात्रा पर कहीं चले जाते हैं। आज उनका इंदौर - उज्जैन जाने का विचार था। दोनों साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे, वहीं पर प्रेम अंकुरित हुआ ,और बढ़ते - बढ़ते वृक्ष बना। दोनों ने परिवार की स्वीकृति से विवाह किया। दो (2) साल हो गए ,संतान कोई थी नहीं, इसलिए जब भी मौका मिलता यात्रा का आनंद लेते रहते थे। विवाह के बाद दोनों ने अपना निजी अस्पताल खोलने का फैसला किया, बैंक से लोन लिया। वीणा  बेन स्त्री रोग विशेषज्ञ और वासु भाई डाक्टर आफ मेडिसिन थे। इसलिए दोनों की कुशलता के कारण अस्पताल अच्छा चल निकला था। Read full article 👇 Allergy in Corona period आज दोनों ने इंदौर जाने का कार्यक्रम बनाया था। जब  मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे वासु भाई ने  इंदौर के बारे में बहुत सुना था। दोनों  ख

बेटी को बचाओ देश को बढ़ाओ - भूर्णहत्या पाप है (feticide is a sin)

बेटी को बचाओ देश को बढ़ाओ  - भूर्णहत्या पाप है  भाग -1  यह छोटी से कहानी हमारे सामाजिक तत्वों पर आधारित है।  किस प्रकार हमारा समाज किसी कन्या को जन्म लेने से पहले उनकी हत्या करवा देता है दूसरे शब्दों में कहे तो भूर्णहत्या। हमारे समाज और देश ने विकास  तो कर लिया है लेकिन अभी तक पुराने विचारो से बाहर नहीं निकल पाए।  हम कह तो देते है की लड़की और लड़का एक समान है लेकिन फिर भी उस लड़की को इस दुनिया में आने ही नहीं दिया जाता।  आज भी कई स्थान ऐसे है जहां कन्या को जन्म ही नहीं लेने दिया जाता है।   यह कहानी है एक गांव में रहने वाले रूढ़िवादी परिवार की और उसमे रह रहे सदस्यों के विचारो की।  उस परिवार की उस गाँव में बहुत इज्जत थी और अच्छे पैसे वाले भी थे।  उनके एक बेटा (रमेश) और बेटी (सीमा) थी , बेटा रमेश बड़ा था और वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ उनकी फैक्टरी में उनका साथ देने लगा।  रमेश की उम्र शादी करने की हो गयी थी।  और अब उनके परिवार वाले रमेश की शादी के लिए लड़की देखने लगे।  धीरे धीरे एक साल बीत गया और रमेश के दूर शहर की लड़की पसंद आ गयी।  परिवार वालो ने रमेश की शादी कर दी धूम धाम से।

Allergy in the Corona period

Allergy in the Corona period Hi Friends, Today we will talk about the symptoms of allergies and the symptoms that we see, nowadays every other person is troubled by this disease, and it is directly related to the environment around us !! In this inaccessible time of corona, we are falling prey to allergies, and then slowly we are vulnerable to corona. And the first thing we need to do to fight corona is to protect ourselves from this allergy. If we all have paid attention then the root cause of all our diseases is to have weakened our immunity system, every doctor and speculator has always said that those who are prone to allergies and corona have their immune system due to weakening, so our immune system has to be strengthened to fight against all diseases. What is an allergy? An allergy is a type of skin reaction, which usually gives its reaction against substances like a particular food, clothing or drugs etc. Allergic substances are allergens, which are made from objects outside th

माँ की ममता का एहसास - Mother's feelings

माँ की ममता का एहसास  यह कविता उनके लिए है जिन्होंने अपने माँ को खो दिया लेकिन उनकी ममता का एहसास आज भी उनके साथ है।  माँ तेरे बारे में क्या लिखू  मैं तो खुद तेरी ही लिखावट हूँ।  जब जब माँ की बात होती है  मेरी आँखों में नमी होती है  दिल में एक खलबली होती है  दिमाग में हलचल होती है  बस सोच यही होती है काश माँ आज भी तू मेरे पास होती।    माँ की दूर जाने की कमी तो हमेशा खलती है  पर माँ की मौजूदगी हमेशा साथ होती है।   माँ इस संसार की ऐसी मूर्त होती है   उनकी सूरत इस दिल में बसी होती है   माँ अपने बच्चो को इतना मजबूत बनाती है  कि जब माँ बच्चो से दूर चली जाती है  यही मजबूती तो बच्चो को जीना सिखाती है  माँ के दूर जाने की तकलीफ तो बच्चो को होती है  पर उस तकलीफ से लड़ना भी माँ की मूर्त ही सिखाती है।    माँ तो सबके लिए एक अजीम तौफा होती है  उस अजीम तौफे की कीमत माँ के जाने के बाद ही समझ आती है  दुनिया से जाना तो एक दिन सबको होता है  लेकिन माँ का बच्चो को छोड़कर जाना क्यों जरुरी होता है   बच्चो की यही शिकायत हमेशा भगवान से होती है।    सोशल मीडिया पर लिखने या पोस्ट डालने से माँ की इज्जत नहीं होती है 

SELFISH HUMANS - HOW TO DEAL WITH SELFISH HUMANS ?

SELFISH HUMANS Today we will talk about a selfish person. First, we will understand the definition of selfishness- selfishness can also be called Self-aggrandizement, the person who talks to someone for his/her own benefit or work and w hen his work is finished, he would leave and then remember it when it is a lean work, we call it selfishness in simple language. A selfish person can also harm someone for his work and benefit. By the way, we all derive different meanings of selfishness. For example, if you ever ask anyone in a class or meeting, then everyone will tell you different meanings of selfishness. But all the answers will be somewhat similar as the selfish man does everything for his own benefits. God has kept man's nature separate from animals. A man always walks according to his nature. Just as a man's five fingers are not the same, his desires are unlimited (human desires are unlimited and infinite). Similarly, not every human being has the same nature. Because we