Posts

Featured

Missing Childhood days (वो बचपन के दिन )

Image
वो बचपन के दिन    वो बचपन के दिन वो बचपन की बाते आज भी याद आती है।  वो मस्ती में रहना, माँ की डांट को हल्के में सहना, मिट्टी के घर बनाकर ख्वाबो की दुनिया मे रहना।  स्कूल का काम न हुआ तो , स्कूल न जाने के बहाने बनाना, फिर भी मम्मी ने जबरदस्ती स्कूल छोड़ के आना।  वो पेड़ो की छांव में बैठना  सावन में झूलो का आंनद था लेना।  गर्मियों की छुट्टियों में था नाना के जाना और ओर अगली छुट्टियां में रामलीला का था आनन्द लेना।  जब भी  करते थे  हम शरारत  माँ का पापा के गुस्से से हमे बचाना  घर मे कोई भी मेहमान का था आना, हमे पैसो का आता था लालच आना।  Friendship Goals Poem- click here बचपन में सबके साथ था खेलना , फिर भी मन मे जात पात ओर धर्म का ख्याल भी न आना।  इतना प्यार था हमारा वो बचपन का जमाना। वो बचपन के दिन वो बचपन की बातें आज भी बहुत याद आती है। जीवनसाथी हो ऐसा राधा कृष्णा के प्यार जैसा  #नवी माँ मेरा अभिमान है - माँ मेरा स्वाभिमान है  मेरा गांव है शहर से निराला - गांव की सभ्यता  कविता (Poetry , Poem) Stories (कहानिया) अगर आपको मेरी ये कविता बचपन के दिन अच्छी लगी हो तो इसे शेयर और कमेंट जरूर करे।  औ

Friendship Goal - दोस्ती एक एहसास

Image
 दोस्ती एक एहसास  मैं यादों का पिटारा खोलू तो  कुछ दोस्त बहुत याद आते है।  भले ही कितने निक्क्मे होते है दोस्त लेकिन  उनके साथ बिताये हुए हर लम्हे याद आते है।  दोस्ती की सबसे खास बात होती है  कि दोस्ती की कोई जात पात नहीं होती है।  दोस्ती का एक ईमान होता है  कि दोस्ती से बड़ा कोई ईमान नहीं होता।  दोस्त कमीने जरूर होते है  लेकिन सुख दुःख में दोस्त ही साथ होते है।  लड़ते है  झगड़ते है  फिर भी साथ रहते है दोस्त  क्योकि अपने यारो पर जान निसार करते है दोस्त।  जैसे चाय में अदरक के बिना स्वाद नहीं आता  वैसे ही ज़िंदगी में दोस्तों के बिना निखार नहीं आता।  दोस्ती का भी अपना एक उसूल होता है , की दोस्ती में कमीनापन जरूर होता है।  दोस्ती एक एहसास है  इसलिए तो हर किसी की जिंदगी में दोस्त खास है।  पति और पत्नी के बीच का रिश्ता बड़ा अनमोल और प्यारा होता है     संघर्ष ही जीवन का उद्देश्य है दिवाली के उत्स्व पर बनाई गयी रंगोली  जिद्दी बच्चे को कैसे समझाये  thoughts (विचार ) कहानिया  कविता (Poetry ) अगर आपको मेरी यह कविता अच्छी लगी हो तो कमेंट करके जरूर बताये  और इसे शेयर जरूर करे ।  आप हमारे ब्लॉग पर अपनी क

Happy Diwali - 2021(रंगोली)

Image
  दीपावली की शुभकामनाएं आप सभी को दीपावली की शुभकामनाएं ये दीवाली के पावन अवसर पर मैंने रंगोली बनाई है। आशा करता हूँ कि आप सभी की दीपावली बहुत अच्छी रही हो। आप सभी को मेरी ओर आपके अपने ब्लॉग www.idealjaat.com की तरफ से दीपावली , भाईदूज, गोवर्द्धन महाराज ओर छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। धन्यवाद आपका नवी 

Rooted - boy and discrimination Girl(अंतर् - लड़का और लड़की में भेदभाव )

Image
अंतर् - लड़का और लड़की में भेदभाव  एक छोटा  परिवार शहर में रहता था।  घर का मुखिया अमित एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर था और उनकी पत्नी  सीमा हाउस वाइफ थी।  उनके दो बच्चे राहुल और रानी थी।  दोनों बच्चो में एक साल का अंतर था।अमित के माता पिता गाँव में रहते थे। एक दिन अमित के माता पिता गांव से शहर बच्चो से मिलने आये।   जिद्दी बच्चे  की कहानी - एक माता पिता अपने ज़िद्दी बच्चे को कैसे सुधारे  अमित उन्हें लेने रेलवे स्टेशन पर गया और आधे घंटे बाद उनकी रेल आ गयी अमित ने उनका  समान लिया और उन्हें गाड़ी में बिठा घर की तरफ चल दिया। गाड़ी में बैठते ही अमित के माता पिता ने कहा की हमारा पोता कैसा है।  अमित ने कहा की आप घर ही चल रहे हो मिल लेना।  और फिर अमित ने कहा की आपको रेल में कोई परेशानी तो नहीं हुई। अमित के माँ ने कहा की नहीं हम तो आराम से आये है और तेरे लिए और पोते के लिए अचार भी लाये है, पर तेरे पिता जी रस्ते में सोये ही नहीं उन्हें डर था की कोई समान चुरा न ले जाए और ये कह कर अमित और उसकी माता हंसने लगी।  अमित के पिता ने कहा की तुम दोनों मिलते ही मेरी खिचाई करने लग जाते हो।  और पूछा की म

जिद्दी बच्चे की कहानी - how to explain to a stubborn child

Image
एक जिद्दी बच्चे को कैसे समझाये और सुधारे  एक छोटा ज़िद्दी बच्चा था जिसका नाम राहुल था।  उसे बाहर का खाना खाने की आदत थी जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर, चिप्स, पेटीज , कोल्ड्रिंग इत्यादि।  उसके माता और पिता इस बात से बहुत परेशान थे।  उन्होंने उसे समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन राहुल उनकी बात नहीं सुनता था और ज़िद करता या फिर रोने लग जाता था। एक दिन राहुल स्कूल से आया और मम्मी को घर आकर बोला की मम्मी बहुत तेज भूक लगी है कुछ खाने को दे दो।  Click here for Amazon Prime Video मम्मी: ने कहा की ठीक है बेटा मैं पोहा बना देती हूँ।  राहुल : नहीं मुझे पोहा नहीं खाना मुझे बर्गर और कोल्ड्रिंग चाहिए।  मम्मी : घर में फल रखे है वो खा ले , केले और सेब है  राहुल : नहीं मुझे तो कोल्ड्रिंग और मेग्गी या बर्गर  चाहिए।  मम्मी : उसकी ज़िद के आगे झुक गयी और कहा ठीक है कोल्ड्रिंग लिया मैं मैग्गी बना देती हूँ।  राहुल : बहुत खुश हुआ और कोल्ड्रिंग ले आया और उसने मेग्गी और कोल्ड्रिंग लिया।  उस दिन रात को राहुल की मम्मी ने पराठा और पनीर की  सब्जी बनाई। राहुल के पापा और मम्मी खाने के लिए साथ आकर बैठे।   राहुल :  मुझे भूख नहीं है आप

Conflict (Struggle) is the purpose of life - संघर्ष ही जीवन का उद्देश्य है

Image
 संघर्ष ही जीवन का उद्देश्य है  जीवन जीना किसे आता है  संघर्ष ही जीना सिखाता है @@@@-----$-----@@@@  इस भीड़ वाली दुनिया में कुछ समझ नहीं आता है  सब धुंधला सा नज़र आता है  इंसान जीवन से भटक जाता है  फिर संघर्ष ही जीना सिखाता है  @@@@-----$-----@@@@ जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है  संघर्ष के बिना जीवन अधूरा है  जीवन में जब भी इंसान खुद को कमजोर समझता है  उसके जीवन में संघर्ष का समय जरुर आता है  और यही संघर्ष उसे जीना सिखाता है  @@@@-----$-----@@@@ हर रात के बाद नयी सुबह आती है  सूरज की किरणे जिंदगी में नयी आस लाती है  नयी आस के साथ ही नयी कहानी लिखी जाती है  संघर्ष ही तो जीवन का मतलब समझाती है @@@@-----$-----@@@@   इस संघर्ष के सफर में कितने आये और कितने गए  कई किस्से पुरे हुए तो कई अधूरे रह गए  पर जिस जिसने संघर्ष किया  उनके नाम सभी के जुबान पर रह गए।  @@@@-----$-----@@@@ FATHER SAAHB - पिता के बहुत खूबसूरत अल्फाज अपने बच्चे के लिए poem poetry (कविताएं) stories कहानिया   संघर्ष ही जीवन है  मनुष्य में मानवता और इंसानिया  पति पत्नी के बीच का रिश्ता बहुत ही अनमोल और प्यारा होता है   .IN

Father Saahb - पिता के बहुत खूबसूरत अल्फाज अपने बच्चे के लिए

Image
पिता के बहुत खूबसूरत अल्फाज अपने बच्चे के लिए   मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा  जब मेरे कंधे पर खड़ा हो गया  मुझसे ही कहने लगा  देखो पापा मैं तुमसे बड़ा हो गया   मैंने कहा बेटा इस गलतफ़हमी में भले ही जगड़े रहना  मगर मेरा हाथ पकडे रहना  जिस दिन यह हाथ छूट जायेगा  बेटा तेरा रंगीन सपना भी टूट जायेगा  दुनिया वास्तव में उतनी हसीन नहीं है  देख तेरे पांव तले अभी जमीन नहीं है  मैं तो बाप हूँ बेटा बहुत खुश हो जाऊंगा  जिस दिन तू वास्तव में बड़ा हो जायेगा  मगर बेटे कंधे पर नहीं  जब तू जमीन पर खड़ा हो जायेगा  ये बाप तुझे सब कुछ अपना दे जायेगा  और तेरे कंधे पर इस दुनिया से चला जायेगा  read now 👉 Humanity is Important in Humans Allergy in the Corona Period  Selfish Humans and Selfish World Feticide is a Sin Poetry and Poem Stories  आपको यह कविता 'पिता के खूबसूरत अल्फाज अपने बच्चे के लिए ' पसंद आयी है तो इसे कमेंट और शेयर जरूर करे।  एक पिता अपने बच्चे को हर तरह से खुश रखना चाहता है और उसकी हर ख्वाइश पूरी करता है।  यह हम सब जानते है।  हमे अपने पापा के लिए वह सब कुछ करना चाहिए जो हमसे हो सके।   अगर आपक

मनुष्य में मानवता व इंसानियत (Humanity is important in humans)

Image
मानवता व  इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं  अवश्य पढें आपकी आँखें छलक जायेंगी   मानवता व इंसानियत किसी की बपौती नहीं है।  वासु भाई और वीणा बेन गुजरात के एक शहर में रहते हैं। आज दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे। 3 दिन का अवकाश था वे पेशे से चिकित्सक (Doctor) थे ।लंबा अवकाश नहीं ले सकते थे ।परंतु जब भी दो-तीन दिन का अवकाश मिलता ,छोटी यात्रा पर कहीं चले जाते हैं। आज उनका इंदौर - उज्जैन जाने का विचार था। दोनों साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे, वहीं पर प्रेम अंकुरित हुआ ,और बढ़ते - बढ़ते वृक्ष बना। दोनों ने परिवार की स्वीकृति से विवाह किया। दो (2) साल हो गए ,संतान कोई थी नहीं, इसलिए जब भी मौका मिलता यात्रा का आनंद लेते रहते थे। विवाह के बाद दोनों ने अपना निजी अस्पताल खोलने का फैसला किया, बैंक से लोन लिया। वीणा  बेन स्त्री रोग विशेषज्ञ और वासु भाई डाक्टर आफ मेडिसिन थे। इसलिए दोनों की कुशलता के कारण अस्पताल अच्छा चल निकला था। Read full article 👇 Allergy in Corona period आज दोनों ने इंदौर जाने का कार्यक्रम बनाया था। जब  मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे वासु भाई ने  इंदौर के बारे में बहुत सुना था। दोनों  ख

बेटी को बचाओ देश को बढ़ाओ - भूर्णहत्या पाप है (feticide is a sin)

Image
बेटी को बचाओ देश को बढ़ाओ  - भूर्णहत्या पाप है  भाग -1  यह छोटी से कहानी हमारे सामाजिक तत्वों पर आधारित है।  किस प्रकार हमारा समाज किसी कन्या को जन्म लेने से पहले उनकी हत्या करवा देता है दूसरे शब्दों में कहे तो भूर्णहत्या। हमारे समाज और देश ने विकास  तो कर लिया है लेकिन अभी तक पुराने विचारो से बाहर नहीं निकल पाए।  हम कह तो देते है की लड़की और लड़का एक समान है लेकिन फिर भी उस लड़की को इस दुनिया में आने ही नहीं दिया जाता।  आज भी कई स्थान ऐसे है जहां कन्या को जन्म ही नहीं लेने दिया जाता है।   यह कहानी है एक गांव में रहने वाले रूढ़िवादी परिवार की और उसमे रह रहे सदस्यों के विचारो की।  उस परिवार की उस गाँव में बहुत इज्जत थी और अच्छे पैसे वाले भी थे।  उनके एक बेटा (रमेश) और बेटी (सीमा) थी , बेटा रमेश बड़ा था और वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ उनकी फैक्टरी में उनका साथ देने लगा।  रमेश की उम्र शादी करने की हो गयी थी।  और अब उनके परिवार वाले रमेश की शादी के लिए लड़की देखने लगे।  धीरे धीरे एक साल बीत गया और रमेश के दूर शहर की लड़की पसंद आ गयी।  परिवार वालो ने रमेश की शादी कर दी धूम धाम से।