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Makeup need in Human Life (मेकअप के बिना अधूरा इंसान )

मेकअप का आम इंसान की जिंदगी में महत्व 

मेकअप की महत्वता आज के समय में बहुत हो गयी है, इसमें पुरुष हो या महिलाये सबको मेकअप  के बिना अधूरा लगता है, या हम ये कह सकते है कि मेकअप के बिना हर किसी की ज़िंदगी अधूरी है।  मेकअप चेहरे की सुंदरता को निखारने  लिए एक अच्छा तरीका है, और  मेकअप को लेकर सभी के अलग अलग मत भी है।   कोई इसे सजने सवरने का साधन समझता है,  कोई इसे  पैसे की बर्बादी समझता है, तो  कुछ लोग इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा समझते है।  उन्हें लगता है की मेकअप के बिना वो अधूरे है, हम किसी  की सोच में बदलाव नहीं कर सकते किन्तु आधुनिक युग में इसका एक महत्वपूर्ण स्थान बनता जा रहा है। 


अब आपकी क़ाबलियत के साथ  आपकी पर्सनॅलिटी भी बहुत मत्वपूर्ण  है और पर्सनॅलिटी के लिये  हमे अच्छा दिखने पर भी ध्यान देना होता है और पर्सनॅलिटी हमारे व्यक्तित्व का  एक भाग है।  मेकअप से हर व्यक्ति सुन्दर बन जाता है और थोड़े से मेकअप प्रोडक्ट्स की मदद से व्यक्ति की सुंदरता में और निखार आ जाता है। मेकअप करने से  न सिर्फ हम आकर्षित दिखते बल्कि इससे हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है। क्योकि जब हमारी सुंदरता की कोई तारीफ करता है तो आत्मविश्वाश अपने आप बढ़ जाता है।  मेकअप करने के लिए हम तरह - तरह के मेकअप प्रोडक्ट्स का  प्रयोग करके अपने आपको सवारते या फिर अपने आप की पर्सनॅलिटी को निखारते है।

प्यार करने वालो की प्यारी सी कहानी - अगर आप भी किसी से प्यार करते है तो यह कहानी जरूर पढ़े आपको पसंद आयेगी। 
  
जब बात मेकअप की  हो रही हो तो यह जान लेना बहुत जरुरी है कि मेकअप को लेकर सबकी अलग -अलग मांग होती है।  मेकअप हमेशा ऐसा होना चाहिए जो आपके व्यक्तित्व और  रहन-सहन को प्रभावित करे।  मेकअप आकर्षक दिखने के साथ साथ अवसर के अनुसार भी होना चाहिए।  आप किसी भी प्रोफ़ेशन को चुनो लेकिन आपक आकर्षक दिखना महत्वपूर्ण हो गया है जिसमे मेकअप आपको सहयोग देता है।  अगर इतिहास को देखे तो पहले भी लोग मेकअप करते थे महिलाये अपने होठो  को लाल करती थी और माथे पर बिंदी की जंगह सिंदूर  की बिंदी बनती थी और आकर्षक दिखने का प्रयास करती थी और पुरुष अपनी दाढ़ी और बाल कटवा कर आकर्ष्क दिखने का प्रयास करते थे।  संसार के विभिन्न देशों के साहित्य और संस्कृति इतिहास के अध्ययन से पता चलता है कि  अलग -अलग अवसरों पर प्रगतिशील नागरिको दवारा मेकअप प्रोडक्ट्स का निर्माण प्राकृतिक और मुख्यतया वनस्पति संसधनों द्वारा होता रहा है। 


महिलाओ और पुरुषो में मेकअप की उत्तेजना 

आज के समय में मेकअप के मामले में पुरुष महिलाओ को भी पीछे छोड़ रहे है।  कोन कहता है पुरुष मेकउप  नहीं करते है।  आज कल तो पुरुष महिलाओ से ज्यादा मेकअप पर ध्यान दे रहे है क्योकि उन्हें भी तो सूंदर दिखना है।  इस समय जिस तरह महिलाओ और परुषो को समान समझा जाता है उसी प्रकार दोनों को मेकअप में भी एक दूसरे का पूरा योगदान दिया जा रहा है।  हम सब जानते है की महिलाए मेकअप में पीछे नहीं है और जब से महिलाये ऑफिस जाने लगी जॉब करने लगी उसी प्रकार उनकी मेकअप की उत्तेजना और बढ़ने लगी क्योकि सूंदर तो हर कोई दिखना चाहता है तो उसके लिए मेकअप बहुत जरुरी है।  और पुरुष भी इसी तरह खुद को मेकअप के द्वारा सूंदर प्रदर्शित करने की कोशिश करता है।  

इस प्रकार हम कह सकते है की आज के समय में मनुष्य मेकउप के बिना अधूरा है। 

अगर आपको मेरा यह लेख पसंद आया हो तो इस पर आप सभी कमेंट के दवारा बताये और मुझे यह भी बताये की मुझे अपने लेख में क्या सुधार करने की जरूरत है।  आप मुझे मेल भी कर सकते है npcoolguy1@gmail.com
आपका अपना ब्लॉग www.idealjaat.com   




धन्यवाद 
आपका नवी 


تعليقات

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