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मेरे प्रभु राम से अयोध्या फिर से जगमगाई है - Shree Ram Bhajan

मेरे प्रभु राम से अयोध्या फिर से जगमगाई है - Shree Ram Bhajan

मेरे प्रभु राम से अयोध्या फिर से जगमगाई है  अयोध्या फिर से जगमगाई है  मेरे प्रभु राम जी की छवि फिर से मन भाई है  सनातन धर्म की भारत में फिर से लहर दौड़ आई है  मिलकर बोलो सिया राम जय जय राम  मेरे प्रभु राम जय जय राम  राम लला हमारे फिर से अयोध्या गर्भ में आये है  इनकी रूप रेखा देख कर आँखों में नमी आये है  भक्तो के दिल में प्रभु राम समाये है  अगर आप को भी प्रभु राम को पाना है  तो हनुमान बनकर दिखाना है  वही हनुमान है जो सबसे महान भक्त कहलाये है  और प्रभु राम को अपने सीने में हमेशा के लिए समाये है  हम कहते है की मेरे प्रभु राम आये है  वो भगवन है भक्तो  भक्तो के बुलाने से दौड़े चले आते है  चाहे राम के रूप में आये कृष्ण के रूप  पर भक्तो पर कष्ट कभी आने नहीं देते है  मिलकर बोलो सिया राम जय जय राम  मेरे प्रभु राम जय जय राम  मेरे प्रभु राम का राजनीती मुद्दा ना बनाओ  बस दिल से प्रभु श्री राम के गुण  गाओ  क्या पता कब प्रभु राम की आप पर नज़र पड़  जाए  और आपकी भी किस्मत पलट जाए   आप को भी प्रभु श्री के चरणों में स्थान मिल जाए  अयोध्या जाने की क्या जरूरत है  आप घर से प्रभु राम  को दिल से याद करना  घर में

Arrange Marriage

Arrange Marriage  जिन्हे हम जानते भी नहीं थे  उन्हें अपना जीवन साथी बनाया है हमने  इस रिश्ते को दिल से अपनाया है हमने  परिवार की ख़ुशी में खुद को ढाला है हमने  जब ही तो इस Arranged Marriage दिल से निभाया है हमने  उस अजनबी के साथ जीवन भर रहने की कशम खाई है हमने   बचपन से जिन माता पिता के साथ रहे एक झटके में ही उनसे दूर हो गए  देखते ही देखते उनके घर भी एक माता पिता और बन गए  कोई उन्हें सास ससुर कहता है  उन्हें माता पिता के रूप में अपनाया है हमने  कुछ महीने तो जी नहीं लगता है  मन करता है यहाँ से भाग जाऊं  अपने बचपन के माता पिता के पास लौट जाऊ  फिर इस दिल को संभालना पड़ता है  आंसूं बहाकर खुद को रोकना  पड़ता है  माँ के कहने पर हर रिश्ते को गहराई से जाना है हमने  इस सफर में हमसफ़र अच्छा मिल जाए तो  सारे गीले सिकवे मिट जाते है  हर कठिन सफर को सरलता से पार कर लेते है  क्योकि उस हमसर ने कभी गले लगा कर समझाया हमें  कभी गोदी में लिटाकर इन अश्को को हटाया  है उसने  तो कभी अपने माता पिता के सामने हमको पलकों पर बिठाया है उसने   इस तरह  यह ज़िन्दगी अच्छी कट जाती है  बस खुद को समझाना पड़ता  है  कुछ गलत फैसले

वो भी दिन क्या दिन थे (wo bhi kya din the)

 

राजनीति का कोई न होता धर्म — भारत की बेटी की इज्जत शर्मशार होती हुई

राजनीति का कोई न होता धर्म   राजनीति का कोई न होता धर्म  ये कभी नही करते अपने कर्म  लोगो के लिए न है इनमे कोई शर्म कसम खाते है देश के लिए  और इस देश की नही है इन्हे फिक्र  कभी मरते है देश के जवान  कभी सड़क पर उतर आते है किसान और इस बार तो हो गई है हद एक लड़की की इज्जत की निकाली सरेआम परेड   न आई किसी को शर्म ना आई किसी को लज्जा शर्मसार हो गई भारत की बेटी की लज्जा यह सब देखकर कांप उठती इंसान की रूह इस खबर को नहीं दिखाता है कोई बस न्यूज में चलता है सीमा हैदर और ज्योति मौर्य की खबर यहां लव जिहाद के उठते है मुद्दे पर एक बेटी के लिए नहीं आती कोई खबर जागो भाईयो जागो अब इंसानियत के लिए जागो सरकार कोई भी हो हक हमारा है अपनी आवाज उठाने के लिए अधिकार हमारा है न किसी के आगे झुकेंगे न किसी के आगे टेके घुटने हम सब मिलकर सरकार से मांगे जवाब  आओ करे राजनीति का हिसाब  बेटियो को दिलाए इंसाफ  एक भारत का करे निर्माण  सब रहे सुरक्षित सबको मिले इंसाफ और सबका हो विकास । धन्यवाद  आपका नवी

A Poem for Father - पापा बच्चो के लिए हिम्मत (Importance of Father)

पापा बच्चो के लिए हिम्मत  पापा के शब्द से ही मन में हिम्मत आती है पापा की छवि मन में समाती है पापा अपने बच्चो को हिम्मत देने वाली एक कुंजी है क्योकि बच्चे ही तो पापा के लिए पूंजी है  देखो कैसा समय आ गया है कि  पापा दिल में गम लिए  चुप बैठे है और बच्चे है की पापा से रूठे बैठे है पापा ही तो बच्चे को ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाते  है  बच्चे को कभी गोदी तो कभी पीठ पर घुमाते है  और जब बच्चो का ये सब करने का समय आता है  तो वही बच्चा पापा से कोसो मील दूर हो जाता  है  पापा बच्चो से कभी शिकायत नहीं करते है  बच्चो के फैसलों पर उनके साथ खड़े होते है  और आज के बच्चे अपने ही पापा को गलत समझते रहते  है  फिर वही बच्चे अपने पापा के फैसलों पर ऊँगली उठाते है  और बच्चे अपना समय भूल जाते है  पापा के लिए बच्चे कभी अकेले  नहीं होते है  क्योकि बच्चो की परछाई बनकर पिता हमेशा उनके साथ होते  है।  Kalyug Changed everything - (देखो भाई कैसा कलयुग आया है ) जिद्दी बच्चे की कहानी - how to explain to a stubborn child मैं उम्मीद करता हूँ आप सभी  को मेरी कविताये और मेरी सोच पसंद आती है  अगर आपको कोई भी कमी मिले तो कृप्या आप

यादें (MEMORIES) - हर इंसान के साथ रहती है

यादें - हर इंसान के साथ रहती है  यादें याद आती है  हर पल सताती है  बिन बुलाये चली आती है  हर वक़्त जहन में रहती है  यादो का क्या है जिंदगी भर साथ निभाती है,  यादों के सहारे जिंदगी गुजर जाती है ,  कभी चेहरे पर हंसी के भाव लाती है,  तो कभी अश्कों से छलक जाती है,   इन यादों का संबंध हर इंसान से होता है,  कोई यादों को दिल में ही दबाये रहता है  तो कोई यादों को खुल कर सबके सामने जताता है, इंसान चले जाते है पर उनकी याद परछाई की तरह साथ रहती है  ये यादें ही तो है जिनका समबन्ध सीधा दिल से होता है  क्योकि दिल में ही तो ये यादो का बसेरा होता  है।  Kalyug Changed everything - (देखो भाई कैसा कलयुग आया है ) जिद्दी बच्चे की कहानी - how to explain to a stubborn child मैं उम्मीद करता हूँ आप सभी  को मेरी कविताये और मेरी सोच पसंद आती है  अगर आपको कोई भी कमी मिले तो कृप्या आप मुझे बताये हम मिलकर उस कमी को दूर करेंगे। अगर आपको मेरी यह कविता पसंद आयी है तो आप कमेंट और शेयर जरूर करे।  आप मुझे मेरी मेल पर भी सम्पर्क कर सकते है npcoolguy1@gmail.com आपकी अपना ब्लॉग www.idealjaat. com धन्यवाद  आपका नवी 

Wife - पत्नी जीवन संगनी का रूप है

पत्नी क्या है  - नीचे पढ़ो नीचे  पत्नी वो शख्सियत है   जो अपने माता पिता को छोड़ कर  अपने पति के माता पिता को अपनाती है।  जो अपना घर त्याग कर  अपने पति के घर को अपनाती है।  जो अपने  बचपन  के अल्हड़पन  छोड़ कर   अपनी सूझ बुझ से जवानी को अपनाती है।  जो अपने सारे दुःख भूल कर  पति के दुःख को अपनाती है।    जो अपने दोस्तों का साथ छोड़ कर  अपने पति को दोस्त के रूप में अपनाती है।  जो अपने बहते अश्को को रोककर   अपनी मजबूरिया छिपाती है।   जो अपने पति की खुशियों के लिए  सारे जग से लड़ जाती है।  जो छोटे से सपने लेकर  अपने पति के घर को स्वर्ग बनाती है।  जो अपने ख्वाब भूलकर  अपने  जीवन को पति और बच्चो पर न्यौछावर करती है।    जो पति के गमो को  बिन बोले समझ जाती है।  जो पति के जीवन का वह हिस्सा है जिसे हम जीवन संगनी के रूप में  जानते है।   पत्नी रात में अमावस का चाँद है  तो सुबह सूरज की पहली किरण लगती है।    हर कोई पत्नी की खामिया तो गिनवा देता है  पर पत्नी की कोई खुबिया नहीं गिनवाता है।  पत्नी पर जोक तो हर कोई बना देता है  पर पत्नी की हिम्मत को कोई नहीं दिखाता है।  Kalyug Chnaged is everythings यह कविता उन

Kalyug Changed everything - (देखो भाई कैसा कलयुग आया है )

 देखो भाई कैसा कलयुग आया है  राधा कृष्णा जैसा प्रेम कोई समझ न पाया है  यहां तो सिर्फ हवस में ही प्रेम समाया है देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  यहां राम और लक्ष्मण का भाईचारा  कोई समझ नहीं पाया है  जायदाद के लिए भाई ने ही भाई का खून बहाया है  देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  श्रवण के भाव माता पिता के लिए कोई नहीं समझ पाया है  आज कल तो माता पिता को बेटा ही आश्रम में छोड़ कर आया है  देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  हरीशचंद्र जैसा सत्यवादी कोई नहीं कहलाया है  आज कल तो झूठ ने ही सबको अपनाया है  देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  एक समय पर कुनबा ही परिवार कहलाया है  आज कल तो माता  पिता से अलग होकर ही परिवार भाया  है  देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  सीता माता  जैसी स्त्री ने पति धर्म निभाया है  आज कल की स्त्रियों ने तलाक लेकर पति से छुटकारा पाया है  देखो भाई कैसा कलयुग आया है।  भगत सिंह जी ने  शहीद होकर  आज़ादी का मतलब  समझाया है  पर आज कल की राजनीती ने हमे फिर से गुलाम  बनाया है देखो भाई कैसा कलयुग  आया है।  रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओ को लड़ना सिखाया है  आज उसी सीख से महिलाओ ने देश में अपना सम्मान बढ़ाया है  देखो  भ