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Rooted - boy and discrimination Girl(अंतर् - लड़का और लड़की में भेदभाव )

अंतर् - लड़का और लड़की में भेदभाव 



एक छोटा  परिवार शहर में रहता था।  घर का मुखिया अमित एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर था और उनकी पत्नी  सीमा हाउस वाइफ थी।  उनके दो बच्चे राहुल और रानी थी।  दोनों बच्चो में एक साल का अंतर था।अमित के माता पिता गाँव में रहते थे। एक दिन अमित के माता पिता गांव से शहर बच्चो से मिलने आये।  

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अमित उन्हें लेने रेलवे स्टेशन पर गया और आधे घंटे बाद उनकी रेल आ गयी अमित ने उनका  समान लिया और उन्हें गाड़ी में बिठा घर की तरफ चल दिया। गाड़ी में बैठते ही अमित के माता पिता ने कहा की हमारा पोता कैसा है।  अमित ने कहा की आप घर ही चल रहे हो मिल लेना।  और फिर अमित ने कहा की आपको रेल में कोई परेशानी तो नहीं हुई। अमित के माँ ने कहा की नहीं हम तो आराम से आये है और तेरे लिए और पोते के लिए अचार भी लाये है, पर तेरे पिता जी रस्ते में सोये ही नहीं उन्हें डर था की कोई समान चुरा न ले जाए और ये कह कर अमित और उसकी माता हंसने लगी।  अमित के पिता ने कहा की तुम दोनों मिलते ही मेरी खिचाई करने लग जाते हो।  और पूछा की मेरा पोता कितना बड़ा हो गया।  अमित ने कहा बस घर पहुंचने वाले है पिताजी देख लेना। 


दस मिनट बाद अमित और उसके माता पिता घर पंहुच गये। उन्होंने घर की घंटी बजाई घंटी की आवाज सुनते ही रानी भागी भागी गयी और बोली माँ दादा दादी आ गए।  फिर उन्होंने दरवाजा खोला और अमित की पत्नी ने उनके पैर छुए और नमस्ते की और उसके बाद रानी ने भी उनके पैर छुए लेकिन अमित के माता पिता ने कहा ठीक है और बोल बड़े की मेरा पोता राहुल कहा है।  सीमा ने कहा की वो बाहर खेलने गया है अभी आ जायेगा आप इतने फ्रेश हो जाओ में चाय बना देती हूँ। सीमा  ने चाय बनाई और सबने एक साथ बैठ कर चाय नमकीन लिया कुछ देर बाद राहुल खेल कर घर आया और दादा दादी को दूर से ही नमस्ते करके अपने कमरे में चला गया।  दादा ने आवाज लगाई की राहुल इधर आ बेटा हमारे पास आ कर बैठ लेकिन राहुल कमरे से बाहर नहीं आया राहुल माँ कमरे में गयी और बोली की तुम्हे दादा बुला रहे तुम एक बार की सुनते क्यों नहीं हो।  सीमा राहुल को बाहर ले और बोली की दादा दादी के पैर छुओ।  इतने में दादा दादी एक साथ बोले अरे नहीं नहीं बेटा तुम हमारे पास आकर बैठो।  लेकिन राहुल इतनी देर में बोला मुझे मैच देखना है मैं वहाँ जा रहा हूँ।  फिर रीना बोली अपने दादा दादी से उसे जाने दो मैं आपके पास बैठी हूँ न।  तो दादा ने बूहे स्वर में जवाब दिया की जाओ कुछ काम कर लो और रीना की माँ को बोलने लगे की तुम इसे घर का काम सिखाती हो न।  

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यह सुनकर सीमा को बुरा लगा पर उसने कुछ नहीं बोला।  वह रीना को लेकर दूसरे रूम में चली गयी।  कुछ दिन बाद स्कूल में दोनों का रिजल्ट आया और उसमे रीना क्लास में अव्वल आयी वही राहुल फेल हो गया।  स्कूल वालो ने रीना को ट्रॉफी दी।  वह खुश होकर ट्रॉफी लेकर घर आयी और दादा दादी व अपने पापा को बोली देखो मै क्लास में अव्वल आयी हूँ और मुझे ये ट्रॉफी मिली है।  उसकी ट्रॉफी से कोई खुश नहीं था सिवाय उसकी माँ के।  जब सबने पूछा की राहुल तेरे कितने नंबर आये तो रीना बोली भाई फेल हो गया इस बात पर अमित ने रीना को डाट दिया और कहा जाओ कुछ काम कर लो।  और राहुल को बोलने लगे कोई बात नहीं बेटा अगले साल पास हो जाओगे।  मैं तुम्हारे लिए नई साइकिल लाया हूँ तुम जाओ मजे करो।  यह देख सीमा को बहुत दुःख हुआ।  वह भी जानती थी की अमित भी रीना से खुश नहीं थे।  

स्कूल खत्म हो गए और रीना स्कूल में टॉप पर आयी वही राहुल बस ले देके पास हुआ।  अमित ने राहुल का एडमिशन एक इंजीनियरिंग कॉलेज में डोनेशन दे कर करवा दिया।  और जब सीमा ने कहा की रीना का भी एडमिशन करवा दो।  

इस बात पर अमित ने सीमा को गुस्से में कहा की अब उसे और आगे पढ़ने की जरूरत नहीं है।  माँ पिता का फ़ोन आया था की गांव में उन्होंने एक लड़का देख रखा उसके साथ इसका विवाह करा देते है।  यह सुनकर सीमा को भी गुस्सा आया और बोली मैं जानती हूँ की जब से रीना हुई तुम उससे खुश नहीं फिर भी मैं कुछ नहीं बोली और न ही तुम्हारे माता पिता खुश है रीना से पर मैंने उनसे भी कभी पलट कर जवाब नहीं दिया लेकिन अब मैं आप लोगो की नहीं सुनुँगी और मैं अपनी बेटी को आगे पढ़ाओगी। 

अमित बोला ठीक है पढ़ाओ मैं देखता हूँ की यह क्या झंडे गढ़ती है और कहा हवा में उड़ती है।  लेकिन मैं इसके लिए एक रुपया नहीं दूंगा। सीमा बोली मैं अपनी बेटी को खुद पढ़ा सकती हूँ मुझे आप लोगो की जरूरत नहीं है।  

रीना को स्कॉलरशिप मिली और उसने अपने दम था अपनी माँ की मदद से इंजीनिरिंग में एडमिशन लिया और वह कॉलेज में भी टॉपर निकली और वह पायलट बन गयी वह प्रैक्टिस के लिए बाहर देश चली गयी। 

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उधर राहुल कॉलेज में फेल हो गया, जब उसके पिता ने पूछा की क्या हुआ बेटा तो उसने कहा की पापा मैं फ़ैल हो गया मैंने तो आपको कहा था की मेरा पढ़ने में मन नहीं लगता लेकिन आपने नहीं सुनी।  इस बात पर सीमा बोली की हमने तेरे कहने पर ही तुझे उस कॉलेज में एडमिशन दिलवाया था।  तो अमित बोला पुराणी बाते खत्म करो और ये बताओ अब क्या करना चाहते हो बेटा  तुम इस बात पर राहुल ने कहा मैं बिज़नेस करना चाहता हूँ।  मुझे 20 लाख दो इस बात पर अमित ने कहा राहुल हमारे पास इतने पैसे नहीं है तो उसने कहा की मुझे नहीं पता या तो पैसे दो चाहे यह घर बेच कर या फिर माँ की जेवेलरी बेच कर वरना मैं घर छोड़ कर भाग जाउगा।  यह सुन अमित ने ठीक है बेटा हम देखते है।  और उन्होंने वह घर बेच दिया और राहुल को पैसे दे दिए और किराये के घर में रहने लगे। 

दो महीने बाद राहुल से पूछा बेटा तेरा बिज़नेस कैसा चल रहा है।  तो राहुल ने कहा की वो तो डूब गया क्योकि उसने वह पैसे अपने दोस्तों के साथ मौज मस्ती में उड़ा दिए थे। इस बात पर अमित को गुस्सा तो आया लेकिन अब राहुल हाथ से निकल चूका था।  

दूसरी तरफ रीना ट्रेनिंग करके एक बेस्ट पॉयलेट बन गयी थी।  वही दूसरी तरफ राहुल गांव में दादा के पास गया और उनकी जमीन को दादा को झूठ बोल के अंगूठे लगवा कर बेच दी।  दादा को जब पता चला तो वह भी राहुल को कोसने लगे। 

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कुछ महीने बाद रीना ने अपने देश के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया की वह काम हर कोई नहीं कर सकता था।  उसने एक फ्यूल लीक ऐरोप्लेन को गिरने से बचाया और बहुत से लोगो की जान बचाई। और इस कारनामे से उसे देश की तरफ से पुरुष्कार भी दिया गया।  उसका नाम पुरे देश में मशहूर हो गया था।  

जिस दिन उसका पुरुष्कार सम्मेलन था उस दिन उसके माता पिता दादा दादी सब आये हुए थे।  जब देश के प्रधानमंत्री ने उसको पुरुस्कार दिया और उसका पुरे देश के सामने सम्मान किया यह देख उसके पिता और दादा दादी की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ गए।  और अमित ने सीमा से कहा की तुम्हारी बेटी ने आज सच  में कर दिखाया यह सुनकर सीमा बोली मेरी नहीं हमारी बेटी।  अमित ने कहा की जब से पैदा हुई मने हमेशा राहुल को अपना बच्चा समझा रीना को तो मैंने हमेशा ही अपने से दूर रखा।  यह देख दादा दादी भी बोले हमने भी बस राहुल को ही महत्व दी की बेटा है और हमारे  वंश को यही आगे बढ़ाएगा लेकिन हमे क्या पता था की हमारी पोती ही हमारा नाम रोशन करेगी।  

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रीना को भी किसी ने राहुल के बारे में अच्छे से नहीं बताया था और न ही यह बताया की हमने घर बेच दिया है।  इसके बाद जब रीना को सब पता लगा तो उसने राहुल से बात की और उसे समझाया।  राहुल को बात समझ आयी  लेकिन बहुत देर  हो गयी थी अब रीना ने राहुल को एक अच्छी कंपनी में जॉब दिलवा दी।  और उसने अपने माता पिता के लिए घर भी खरीद लिया और दादा दादी को जमीन भी वापिस करवा दी।  



अब सब रीना से बहुत खुश रहने लगे और रीना से प्यार से बात करते थे लेकिन इसके लिए बहुत देर हो गयी थी क्योकि अब रीना के पास इतना समय नहीं रहता था।

कहानिया (Short Stories )  

कविता (Poetry Poem )

Thoughts  (विचार )

आपको हमारी यह कहानी  पसंद आये तो इसे शेयर जरूर करे और अपने आस पास ऐसे बच्चो में भेदभाव होने से रोके।  आप भी ऐसी कविता और कहानी लिखते है और पोस्ट करवाने चाहते हो तो हमे हमारी मेल पर भेजे npccolguy1@gmail.com हम आपकी उस कहानी और कविता को अपने ब्लॉग में लिखेंगे और पोस्ट करेंगे। आपका अपना ब्लॉग www.idealjaat.com 

धन्यवाद 
आपका नवी 

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