Skip to main content

Featured

मेरे प्रभु राम से अयोध्या फिर से जगमगाई है - Shree Ram Bhajan

थोड़ी ख़ुशी थोड़ा गम - ख़ुशी और गम का सफर

थोड़ी ख़ुशी थोड़ा गम - ख़ुशी और गम का सफर 



कभी थोड़ी ख़ुशी, कभी थोड़ा गम 

कभी थोड़ा ज्यादा , कभी थोड़ा कम 

कभी इतनी करीबी कभी इतना सितम 

कभी थोड़ा ज्यादा कभी थोड़ा कम...

नौकरी करने वालो का जिंदगी का सफर - जब नौकरी मिलेगी तो क्या होगा बॉस की जी हुज़ूरी होगी (जिंदगी की बस यही रखो चाहत बॉस होना चाहिए मस्त)

कभी सूर्य का बादलो से निकलना 

कभी बादलो का जम के बरसना 

कभी लहरों का किनारे को छूना 

कभी छू कर वापिस गुजरना 

यादो का आना और फिर बिखर जाना 

 किसी को भुला देना लेकिन फिर भी ख्वाबो में मिलना 

किसी की जिंदगी में गूंज से आना 

और बिना आहट चले जाना 

देता है थोड़ी ख़ुशी थोड़ा गम 

कभी थोड़ा ज्यादा कभी थोड़ा कम। 

दिल की डोर - दिल का रिश्ता (प्यार, इश्क़ और मोहब्बत)

कभी चलते चलते कदमो का ठहरना 

कभी ठहरे कदमो का फिर से गति पकड़ना 

कभी तो सब कुछ मुक्क्दर पे छोड़ देना 

तो कभी हिम्मत की डोर मजबूती से जोड़ लेना 

कभी जीवन को कठिन समझना 

कभी इतना सरल की जैसे रात और प्रभात का मिलना 

कभी आँसुओ का शोलो  पे तड़पना 

कभी मुस्कराहट का खिलखिला के बिखरना 

देता है  थोड़ी ख़ुशी थोड़ा गम 

 कभी थोड़ा ज्यादा कभी थोड़ा कम। 

2021 नया साल सबके लिए हो कुछ खास - नए साल पर कविता (इस साल कुछ खास करके दिखाते है इस दुनिया को नया इतिहास रच कर दिखाते है)

कभी उलझनों का मुझसे लिपटना 

कभी रातो का खुद ही निकलना 

कभी ठंडी हवाओं का धीरे से चलना 

कभी समुद्र के गहरे तूफ़ान में फंसना 

कभी अनजानी डगर पे  किसी से मिलना 

कभी सबसे मिलकर भी खामोश रहना 

कभी जीवन की सच्चाई को जान लेना 

और कभी खुद को भी न पहचानना 

देता है थोड़ी ख़ुशी थोड़ा गम 

कभी थोड़ा ज्यादा कभी थोड़ा कम।   

आपको हमारी यह कविता पसंद आये तो इसे शेयर जरूर करे और आप भी ऐसी कविता और कहानी लिखते है और पोस्ट करवाने चाहते हो तो हमे हमारी मेल पर भेजे npccolguy1@gmail.com हम आपकी उस कहानी और कविता को अपने ब्लॉग में लिखेंगे और पोस्ट करेंगे। आपका अपना ब्लॉग www.idealjaat.com 




धन्यवाद 

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

संघर्ष ही जीवन है

 संघर्ष ही जीवन है  संघर्ष (struggle) ये अक्षर दिखने में छोटा सा है , परन्तु यह जीवन का हिस्सा है या समझ लीजिये की संघर्ष का नाम ही जीवन है , मनुष्य  या फिर पशु पक्षी हर किसी  का जीवन एक संघर्ष है | अगर हम सरल शब्दों में संघर्ष को परिभाषित करे तो हम सब संघर्ष से घिरे हुए और जो सफलता या  सीख मिलती है वो संघर्ष की ही देन है |  संघर्ष जीवन को निखारता, संवारता  व तराशता  हैं और गढ़कर ऐसा बना देता  हैं, जिसकी प्रशंसा करते जबान थकती नहीं। संघर्ष हमें जीवन का अनुभव कराता  हैं, सतत सक्रिय बनाता  हैं और हमें जीना सिखाता  हैं। संघर्ष का दामन थामकर न केवल हम आगे बढ़ते हैं, बल्कि जीवन जीने के सही अंदाज़ को – आनंद को अनुभव कर पाते हैं। SELFISH HUMANS - HOW TO DEAL WITH SELFISH HUMANS ? संघर्ष सफलता की कुंजी संघर्ष जीवन का वह मूलमंत्र है जिसका अनुभव हर कोई व्यक्ति करता  है और संसार में बहुत ही कम व्यक्ति होंगे जो इसका  अनुभव पाने से वंचित रहे  हो , समाज में हर कोई नाम, शोहरत, पैसा , इज्जत कमाना या फिर पढ़ाई में अव्वल होना  चाहे जो भी लक्ष्य हो वह बिना संघर्ष  के अधूरा है! संघर्ष जीवन में उतार - चढ़ाव का

प्यार करने वालो की प्यारी सी कहानी - अगर प्यार सच्चा हो तो किस्मत उन्हें मिला ही देती है

प्यार करने वालो की प्यारी सी कहानी  किसी  ने सच ही कहा है अगर आप किसी को सच्चे दि ल से चाहो तो कायनात भी उसे आपसे मिलाने में  जुट जाती है। और अगर किस्मत भी साथ दे दे तो वो आपको जरूर मिल जाता है।   यह कहानी कुछ ऐसी ही है जिसमे दो प्यार करने  वाले एक दूसरे से जुदा होने के बाद भी मिल जाते है।  यह कहानी और कहानियो की तरह नहीं है।  इस कहानी में किस्मत दो प्यार करने वालो को फिर से मिलाती  है।  और उन दोनों को भी नहीं पता था  कि वो दोनों जिंदगी में दुबारे मिल पाएंगे।  चलो अब हम कहानी की शुरआत करते है इस कहानी को पूरा पढ़ना जब ही आपको समझ आएगा की प्यार  किसे कहते और उसका पास होने का और जुड़ा होने का एहसास कैसा होता है।  राज और काजल दिल्ली के एक ही कॉलेज में पढ़ते है, दोनों की कॉलेज में दोस्ती हो जाती है।  और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते है।  राज और काजल एक दूसरे को अच्छे से समझने लगते है , और  उन दोनों का समय के साथ साथ दोस्ती और  प्यार बढ़ता जाता है। कॉलेज का आखिरी पड़ाव था और दोनों अब एक दूसरे से अलग हो रहे थे दोनों बेचैन थे की आगे वो मिल पाएंगे या नहीं उनकी जिंदगी उन्हें किस मोड़ पर

छोटी कहानी बड़ी सीख

  छोटी कहानी बड़ी सीख  🖊 लेखक नविन  एकबार एक चोर ने कसम खाई के जिंदगी में मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा।  परन्तु पेशे से वो तो चोर था।  और आप सब जानते है की झूठ तो चोर का सबसे महत्वपूर्ण हथियार होता है।   एकदिन वो अपनी तीन चार गधो पर समान के गट्ठर रखे हुए जा रहा था रास्ते में पुलिस चेक पोस्ट पड़ी उसके पास एक दरोगा आया और पूछा। की तुम कोन हो और क्या करते हो। सामने से जवाब मिला नसरुद्दीन हूँ  और चोरी करता हूँ।  दरोगा हैरान हो गया उसने सरे गट्ठर खुलवाए और चेक किया ज्यादा कुछ मिला नहीं सिवाय कुछ लकड़ियों के।  उसने नसरुद्दीन को जाने दिया।  कुछ दिनों बाद नसरुद्दीन फिर वही चेक पोस्ट पार कर रहा था।  फिर वही दरोगा मिला और पूछा अब भी चोरी करते हो क्या ? नसरुद्दीन ने कहा हां चोर हूँ तो चोरी ही करूंगा।  दरोगा ने फिर से सारा समान खुलवाया और चेक किया और फिर से कुछ नहीं मिला।  ये सिलसिला पुरे 20 सालो तक चलता रहा, वो दरोगा रिटायर हो गया लेकिन उसे यही एक बात खलती रही की चोर्ने समने से कुबूल किया के वो चोर है फिर भी वो कुछ बरामद नहीं क्र पाया चोरी साबित नहीं कर पाया।   Cricket Update एकदिन नसरुद्दीन दरोगा जी