Skip to main content

मुंबई इंडियंस Vs दिल्ली कैपिटल्स पहला क्वालीफायर मैच

दुबई में पहला क्वालीफ़ायर मैच

6-11-2020 दिन गुरुवार को मुंबई इंडियंस Vs दिल्ली कैपिटल्स पहला क्वालीफायर मैच खेला गया जिसमे मुंबई की टीम ने दिल्ली कैपिटल्स 57 रन से हराकर को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग 2020 के फाइनल में जगह बना ली। आईपीएल के इतिहास में ये पहली बार हुआ जब मुंबई इंडियन 6 बार आईपीएल का फाइनल मैच खेलेगी।

अय्यर ने टॉस जीत कर लिया गेंदबाज़ी का फैसला 

अय्यर ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जो उनके ऊपर भारी पड़ा। मुंबई ने पहले बल्लेबाज़ी की और दिल्ली को एक विशाल 200 रन का स्कोर दे डाला । और दिल्ली की टीम उस स्कोर का पीछा करने में नाकाम रही। 

IPL 2020: मुंबई vs दिल्ली @ दुबई, इस मैच का स्कोरकार्ड

मुंबई ने बुमराह, बोल्ट और हार्दिक को खिलाया 

मुंबई की टीम ने अपने  पिछले मैच में बुमराह , बोल्ट और हार्दिक को रेस्ट दिया था और उस मैच में उन्हें 10 विकेट से हार का सामना भी करना पड़ा और वही इस मैच में मुंबई अपने इन धुरंदरों के साथ मैदान में उत्तरी और अपने नाम फाइनल की जीत दर्ज की !

पिछले कुछ मैच के लिए क्लिक करे

शून्य पर आउट रोहित और एक रिकॉर्ड 

मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा इस मैच में रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर बिना खाता खोले आउट हुए, इसके साथ ही रोहित के नाम एक अनचाहा रेकॉर्ड दर्ज हो गया। रोहित आईपीएल की अपनी 194वीं पारी में 13वीं बार जीरो पर आउट हुए। वह इस लीग में सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए। रोहित के अलावा हरभजन सिंह (88 पारियां) और पार्थिव पटेल (137 पारियां) भी 13 बार जीरो पर आउट हुए हैं। इस लिस्ट में अजिंक्य रहाणे भी शामिल हैं। रहाणे 147 मैचों की 139 पारियों में 13 बार खाता खोले बिना पविलियन लौटे हैं। 

पावरप्ले में मुंबई की धमाकेदार शुरुआत

पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद मुंबई की टीम ने पावरप्ले में धमाकेदार खेल दिखाया जिसकी उन्हें जरूरत  भी थी और उनकी टीम ने पावर प्ले के पहले 6 ओवर में 63-1 रनों का स्कोर बनाया जो बहुत ही बेहतरीन था .

मुंबई ने दिल्ली के सामने रखा 201 रन का टारगेट

अनुभवी रविचंद्रन अश्विन से मिले झटकों के बावजूद मुंबई इंडियंस ने सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन के अर्धशतकों की मदद से 5 विकेट पर 200 रन का मजबूत स्कोर बनाया। अश्विन ने 29 रन देकर तीन विकेट लिए लेकिन इस बीच क्विंटन डि कॉक (25 गेंदों पर 40), सूर्यकुमार (38 गेंदों पर 51 रन, छह चौके, दो छक्का) और किशन (30 गेंदों पर नाबाद 55, चार चौके, तीन छक्के) ने उपयोगी पारियां खेलीं। और इनके बाद कमाल दिखाया हार्दिक ने जो पिछले मैच में नहीं खेले थे उन्होंने डेथ ओवरों में धमाल मचाते हुए 14 गेंदों पर पांच छक्कों की मदद से नाबाद 37 रन बनाए जिससे मुंबई ने अंतिम तीन ओवरों में 55 रन जुटाए। पहले दस ओवरों में अगर सूर्यकुमार ने पारी संवारी तो अंतिम 10 ओवर में यह जिम्मा किशन ने बखूबी संभाला। इन दोनों ने नियमित अंतराल में विकेट गिरने के बावजूद एक छोर संभाले रखा।

दिल्ली को पहले ही ओवर में मिले झटके
201 रन के मुश्किल टारगेट का पीछा करने उतरी दिल्ली टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके 2 विकेट पहले ही ओवर में गिर गए। पेसर ट्रेंट बोल्ट ने दूसरी ही गेंद पर पृथ्वी साव (0) को डि कॉक के हाथों कैच करा दिया। फिर 5वीं गेंद पर रहाणे को lbw आउट कर दिया। अगले ही ओवर में जसप्रीत बुमराह ने शिखर धवन (0) को बोल्ड कर दिया जिससे दिल्ली के 3 विकेट खाता खोले बिना ही गिर गए।

दिल्ली के कप्तान अय्यर और विकेट कीपर पंत एक बार फिर नाकाम 

इतना बड़ा लक्ष्य और तीन विकेट बहुत सस्ते में गिरने के बाद दिल्ली वालो को अय्यर और पंत से बहुत उम्मीद थी लेकिन आज के मैच में उन्होंने सबका दिल तोडा और अय्यर कुल 8 गेंदों पर 12 रन बनाकर बुमराह की गेंद पर रोहित कैच थमा बैठे और पंत 9 गेंद खेलकर बस 3 रन बनाकर चलते बने और बस 41 रन में ही दिल्ली की आधी टीम वापिस पव्लिअन पहुंची !

स्टॉयनिस की समझदारी वाली पारी, लगाया अर्धशतक
दिल्ली के लिए मार्कस स्टॉयनिस ने 65 रन की समझदारी वाली पारी खेली। यदि वह क्रीज पर नहीं जमते तो दिल्ली की हार का अंतर काफी बड़ा हो सकता था। स्टॉयनिस ने अक्षर पटेल के साथ छठे विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी की। उन्होंने 36 गेंदों पर मौजूदा सीजन का अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया। उन्हें जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड किया। स्टॉयनिस ने 46 गेंदों की अपनी पारी में 6 चौके, 3 छक्के लगाए। 

अक्षर ने बचाई दिल्ली की इज्जत 

दिल्ली यह मैच हार तो गयी लेकिन अक्षर पटेल ने दिल्ली बहुत बड़े अंतराल से हरने से बचाया जब कोई भी नहीं संभाल पा रहा थे तब  उन्होंने स्टोइनिस  के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 71 रन की सांझेदारी की और 33 गेंदों पर 42  रन बनाये !

जसप्रीत बुमराह बने मैन ऑफ द मैच

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खतरनाक बॉलिंग करते हुए मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 4-14 विकेट झटक कर अपने टीम को इस साल फाइनल का टिकट दिलाया है. आईपीएल में बुमराह का यह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है. जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया.

IPL 2020: मुंबई vs दिल्ली @ दुबई, इस मैच का स्कोरकार्ड

Depression (अवसाद) के लक्ष्ण और उपाय 

सूर्य का 100वां IPL मैच, 11वीं फिफ्टी

सूर्यकुमार ने सीजन का चौथा और 100वें आईपीएल मैच में 11वां अर्धशतक जड़ा। इस सीजन में सूर्य ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए सबको अपनी और आकर्षित किया है 

दिल्ली को मिलेगा एक और मौका

श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम दिल्ली को अभी फाइनल में पहुंचने के लिए एक और मौका मिलेगा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच एलिमिनेटर मैच में जो भी टीम जीतेगी, उससे दिल्ली की दूसरे क्वॉलिफायर में भिड़ंत होगी और जीत दर्ज करने वाली टीम को फाइनल में जगह मिल जाएगी। 

एलर्जी क्लिक करे

धन्यवाद 

आपका नवी 

 


Comments

Popular posts from this blog

संघर्ष ही जीवन है

 संघर्ष ही जीवन है  संघर्ष (struggle) ये अक्षर दिखने में छोटा सा है , परन्तु यह जीवन का हिस्सा है या समझ लीजिये की संघर्ष का नाम ही जीवन है , मनुष्य  या फिर पशु पक्षी हर किसी  का जीवन एक संघर्ष है | अगर हम सरल शब्दों में संघर्ष को परिभाषित करे तो हम सब संघर्ष से घिरे हुए और जो सफलता या  सीख मिलती है वो संघर्ष की ही देन है |  संघर्ष जीवन को निखारता, संवारता  व तराशता  हैं और गढ़कर ऐसा बना देता  हैं, जिसकी प्रशंसा करते जबान थकती नहीं। संघर्ष हमें जीवन का अनुभव कराता  हैं, सतत सक्रिय बनाता  हैं और हमें जीना सिखाता  हैं। संघर्ष का दामन थामकर न केवल हम आगे बढ़ते हैं, बल्कि जीवन जीने के सही अंदाज़ को – आनंद को अनुभव कर पाते हैं। SELFISH HUMANS - HOW TO DEAL WITH SELFISH HUMANS ? संघर्ष सफलता की कुंजी संघर्ष जीवन का वह मूलमंत्र है जिसका अनुभव हर कोई व्यक्ति करता  है और संसार में बहुत ही कम व्यक्ति होंगे जो इसका  अनुभव पाने से वंचित रहे  हो , समाज में हर कोई नाम, शोहरत, पैसा , इज्जत कमाना या फिर पढ़ाई में अव्वल होना  चाहे जो भी लक्ष्य हो वह बिना संघर्ष  के अधूरा है! संघर्ष जीवन में उतार - चढ़ाव का

प्यार करने वालो की प्यारी सी कहानी - अगर प्यार सच्चा हो तो किस्मत उन्हें मिला ही देती है

प्यार करने वालो की प्यारी सी कहानी  किसी  ने सच ही कहा है अगर आप किसी को सच्चे दि ल से चाहो तो कायनात भी उसे आपसे मिलाने में  जुट जाती है। और अगर किस्मत भी साथ दे दे तो वो आपको जरूर मिल जाता है।   यह कहानी कुछ ऐसी ही है जिसमे दो प्यार करने  वाले एक दूसरे से जुदा होने के बाद भी मिल जाते है।  यह कहानी और कहानियो की तरह नहीं है।  इस कहानी में किस्मत दो प्यार करने वालो को फिर से मिलाती  है।  और उन दोनों को भी नहीं पता था  कि वो दोनों जिंदगी में दुबारे मिल पाएंगे।  चलो अब हम कहानी की शुरआत करते है इस कहानी को पूरा पढ़ना जब ही आपको समझ आएगा की प्यार  किसे कहते और उसका पास होने का और जुड़ा होने का एहसास कैसा होता है।  राज और काजल दिल्ली के एक ही कॉलेज में पढ़ते है, दोनों की कॉलेज में दोस्ती हो जाती है।  और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते है।  राज और काजल एक दूसरे को अच्छे से समझने लगते है , और  उन दोनों का समय के साथ साथ दोस्ती और  प्यार बढ़ता जाता है। कॉलेज का आखिरी पड़ाव था और दोनों अब एक दूसरे से अलग हो रहे थे दोनों बेचैन थे की आगे वो मिल पाएंगे या नहीं उनकी जिंदगी उन्हें किस मोड़ पर

छोटी कहानी बड़ी सीख

  छोटी कहानी बड़ी सीख  🖊 लेखक नविन  एकबार एक चोर ने कसम खाई के जिंदगी में मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा।  परन्तु पेशे से वो तो चोर था।  और आप सब जानते है की झूठ तो चोर का सबसे महत्वपूर्ण हथियार होता है।   एकदिन वो अपनी तीन चार गधो पर समान के गट्ठर रखे हुए जा रहा था रास्ते में पुलिस चेक पोस्ट पड़ी उसके पास एक दरोगा आया और पूछा। की तुम कोन हो और क्या करते हो। सामने से जवाब मिला नसरुद्दीन हूँ  और चोरी करता हूँ।  दरोगा हैरान हो गया उसने सरे गट्ठर खुलवाए और चेक किया ज्यादा कुछ मिला नहीं सिवाय कुछ लकड़ियों के।  उसने नसरुद्दीन को जाने दिया।  कुछ दिनों बाद नसरुद्दीन फिर वही चेक पोस्ट पार कर रहा था।  फिर वही दरोगा मिला और पूछा अब भी चोरी करते हो क्या ? नसरुद्दीन ने कहा हां चोर हूँ तो चोरी ही करूंगा।  दरोगा ने फिर से सारा समान खुलवाया और चेक किया और फिर से कुछ नहीं मिला।  ये सिलसिला पुरे 20 सालो तक चलता रहा, वो दरोगा रिटायर हो गया लेकिन उसे यही एक बात खलती रही की चोर्ने समने से कुबूल किया के वो चोर है फिर भी वो कुछ बरामद नहीं क्र पाया चोरी साबित नहीं कर पाया।   Cricket Update एकदिन नसरुद्दीन दरोगा जी